चिकित्सालय प्रशासन वायदे से मुकरा तो होगा बड़ा आंदोलन : राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा

चिकित्सालय प्रशासन वायदे से मुकरा तो होगा बड़ा आंदोलन : राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा
अयोध्या
मरीजों,जनता, किसानों की समस्याओं को लेकर के भारतीय किसान यूनियन द्वारा मंडलीय चिकित्सालय/ राजर्षि दशरथ राज्य मेडिकल कॉलेज पर किसान महापंचायत का ऐलान किया गया था परंतु चिकित्सालय प्रशासन के प्रस्ताव पर किसान महापंचायत ना करके चिकित्सालय के सभाकक्ष में चिकित्सकों तथा किसानों के बीच में संवाद करके समस्याओं का समाधान कराया गया प्राचार्य डॉ0 सत्यजीत वर्मा ने आश्वस्त किया कि किसानों की एक-एक समस्याओं का समाधान करेंगे।
अपराह्न 12:00 बजे मंडलीय चिकित्सालय के सभाकक्ष में किसानों तथा चिकित्सकों की लंबी वार्ता/ मीटिंग में एक-एक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करके समाधान निकाला गया प्राचार्य डॉ0 सत्यजीत वर्मा अपने चिकित्सकों की टीम के साथ बैठक में उपस्थित रहकर एक- एक समस्याओं का समाधान किया, प्राचार्य ने कहा कि किसी भी मरीज/ जनता को ना तो बाहर से दवा लेनी पड़ेगी और ना ही किसी प्रकार की जांच बाहर से कराना होगा, सभी डॉक्टर नियमित समय से बैठकर मरीज को देखेंगे और सही सलाह देंगे चिकित्सालय के डॉक्टर, वार्डबॉय, कर्मचारी के व्यवहार जनता के प्रति ठीक ना होने के सवाल पर प्राचार्य सत्यजीत वर्मा ने कहा कि डॉक्टर जेपी तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है कि चिकित्सालय के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करके कि मरीज व जनता से सही व्यवहार करें। दलालो पर अंकुश लगाने के सवाल पर प्राचार्य ने कहा कि अस्पताल में 150cc कैमरे लगाए गए हैं टीम भी गठित की गई है दलाल चिन्हित होने पर उनके विरुद्ध करवाई की जाएगी।
इमरजेंसी डॉक्टर का ड्यूटी चार्ट नाम तथा मोबाइल नंबर सहित डिस्प्ले होता रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि चिकित्सालय प्रशासन व किसानों के बीच बहुत ही सौहार्द पूर्ण वार्ता हुई है आस जगी है कि चिकित्सालय प्रशासन मरीजों/ जनता के प्रति सही व्यवहार करते रहेंगे घनश्याम वर्मा ने चिकित्सालय प्रशासन को चेतावनी दिया है कि यदि मरीज व जनता के प्रति चिकित्सालय प्रशासन का व्यवहार में सुधार न हुआ, भ्रष्टाचार दूर ना हुआ, डॉक्टरों की लापरवाही वन्द ना हुई, दलालों के प्रवेश पर रोक ना लगाया गया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसान पंचायत को सूर्यनाथ वर्मा, फरीद अहमद, राम गणेश मौर्य, शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, भोला सिंह टाइगर, देवी प्रसाद वर्मा, सती प्रसाद वर्मा, रवि शंकर पांडे, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मोहम्मद अली, बाबूराम तिवारी, रामबचन भारती, विकास वर्मा, विवेक पटेल, प्रेम शंकर वर्मा, गब्बर गोस्वामी, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार ,राम अवध किसान, नाथूराम यादव, डा0रमेश यादव, रामू चंद्र विश्वकर्मा, राजकुमार यादव, उर्मिला निषाद, सुनीता देवी, रामावती, फुलेसरा देवी, राहुल वर्मा आदि सैकड़ो किसान उपस्थित रहे।




