अयोध्या धाम

राम मंदिर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर बड़ा घोटाला कई आईएएस अधिकारी जांच के दायरे में

राम मंदिर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर बड़ा घोटाला कई आईएएस अधिकारी जांच के दायरे में
अयोध्या धाम
 अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में हुए घोटाले को लेकर एक जनहित याचिका माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ में सीबीआई को पार्टी बनाते हुए दायर की गई हैं। जिसमे आज दिनांक 27/11/2025 को फैसला आना है, डीके फाउंडेशन ऑफ फ़्रीडम एंड जस्टिस द्वारा माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ से अत्यंत सम्मानपूर्वक प्रार्थना की गई कि यह माननीय न्यायालय कृपया निम्न की कृपा करे- (क) परमादेश की प्रकृति में रिट, आदेश या निर्देश जारी कर विपरीत पक्ष संख्या 06 को निर्देश दे कि वह निजी विपरीत पक्षों सहित अन्य अधिकारियों, कंपनियों और ठेकेदार के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करे, जो वर्ष 2023-2024 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम अयोध्या में तैनात रहने के दौरान कई गबन, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में शामिल थे और कानून के अनुसार मामले की ठीक से जांच करे और अभियोजन की मंजूरी प्राप्त करने के बाद संबंधित न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट दायर करे (ख) कोई अन्य आदेश या निर्देश जारी करे जैसा कि यह माननीय न्यायालय मामले की परिस्थितियों में उचित समझे। याचिकाकर्ता डीके. फाउंडेशन ऑफ़ फ़्रीडम एंड जस्टिस द्वारा चीफ़ ऑब्ज़र्वर श्री जय प्रकाश तिवारी @ जय प्रकाश बनाम स्टेट ऑफ़ प्रिंसिपल सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ़ अर्बन डेवलपमेंट 8 अन्य आदि को पार्टी बनाते हुए याचिका दायर की गई है। 1 प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश लखनऊ, 2 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, अयोध्या, म्युनिसिपल कमिश्नर, अयोध्या, 3 फाइनेंस और अकाउंट ऑफिसर, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अयोध्या, 4 डिप्टी डायरेक्टर, लोकल फंड ऑडिट डिपार्टमेंट, अयोध्या, 5 CBI सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन नई दिल्ली। 6 विशाल सिंह IAS, 7  संतोष कुमार शर्मा IAS तत्कालीन नगर आयुक्त अयोध्या 8  नरेंद्र प्रताप सिंह तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी अयोध्या।

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