उत्तर प्रदेशलखनऊ

आयोग द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र न जारी करना निष्पक्ष तथा सदाचारी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह : राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र

आयोग द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र न जारी करना निष्पक्ष तथा सदाचारी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह : राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र
लखनऊ
विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में निर्वाचन आयोग का मनमाना रवैया लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर संदेह प्रकट करता है। आर्य वीर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र ने  भारत निर्वाचन आयोग के मनमाने पन तथा व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को पत्र लिखकर शिकायत की है कि आर्य वीर पार्टी के नाम से एक नये राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण हेतु पत्रावली विगत 23 जनवरी 2023 से लम्बित है। “आम जन पार्टी” के नाम से पार्टी को रजिस्ट्रेशन करने का अनुरोध किया गया था, इस नाम से अभी तक कोई पार्टी पंजीकृत नहीं है फिर भी आयोग, मिलते-जुलते नाम बताकर  एक वर्ष तक टरकाता रहा। आर टी आई से सूचना मांगने पर एक वर्ष बाद आयोग ने पार्टी का नाम “आर्य वीर पार्टी ” तय किया। इसके पश्चात छोटी छोटी कमी दिखाकर तीन वर्ष लगा दिया। मैंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा सचिव को की रिमाइंडर दिये परन्तु आयोग द्वारा लगातार अनदेखा किया जाता रहा।14 अगस्त 2025 को आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय प्रतिनिधि द्वारा 19 अगस्त को आयोग के अधिकारी से टेलीफोनिक साक्षात्कार में उपस्थित रहने हेतु पत्र प्राप्त हुआ इस पत्र में भी एक त्रुटि दूर करने की बात कही गई। मैंने साक्षात्कार से पूर्व ही 18 अगस्त को निर्वाचन आयोग द्वारा इंगित त्रुटि संशोधित कर , आर्य वीर पार्टी के संविधान की संशोधित प्रति समस्त प‌ष्ठों पर हस्ताक्षर कर स्पीड पोस्ट से भेजा। समस्त औपचारिकतायें पूर्ण होने के पश्चात  भी आयोग द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र न जारी करना आयोग की निष्पक्ष तथा सदाचारी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

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