अयोध्याविधिक सेवा प्राधिकरण
प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस एक थीम के साथ आयोजित किया जाता है : श्री रणंजय कुमार वर्मा जी

प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस एक थीम के साथ आयोजित किया जाता है : श्री रणंजय कुमार वर्मा जी
अयोध्या
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से प्राप्त कार्ययोजना वर्ष- 2025-26 के अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अयोध्या श्री रणंजय कुमार वर्मा के निर्देशानुसार अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अयोध्या के निर्देश पर विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन जिला अस्पताल, D.T.O. Office, गुप्तारघाट, अयोध्या पर किया गया। उक्त विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन पी0एल0वी0 प्रियंका त्रिपाठी एवं जिला अस्पताल द्वारा मिलकर किया गया। उक्त विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर में अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अयोध्या श्री अनिल कुमार वर्मा द्वारा विश्व एड्स दिवस के अवसर पर उपस्थित लोगों को जानकारी देते हुए कथन किया गया कि विश्व एड्स दिवस मनाने की शुरूआत 1988 में हुई थी। प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस एक थीम के साथ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 2025 में विश्व एड्स दिवस की थीम है “Overcoming disruption, transforming the AIDS response” अर्थात बाधाओं को पार करते हुए एड्स प्रतिक्रिया में बदलाव लाना। इस थीम के तहत उन चुनौतियों को पहचाना जाएगा जो अब एचआईवी/एड्स महामारी के खिलाफ लड़ाई में खड़ी हैं, जैसेस्वास्थ्य सेवाों तक पहुंच में कमी, फंडिंग में गिरावट, सामाजिक असमानताएं, भेदभाव, कलंक। साथ ही नई रणनीति, नवीनीकरण और प्रतिबद्धता के साथ एड्स प्रतिक्रिया में बदलाव लाने का प्रयास होगा। वहीं 2030 तक एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में पूरी तरह समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य की दिशा में मेहनत को तीव्र करने का लक्ष्य है। इस वर्ष की थीम हमें याद दिलाती है कि एड्स से लड़ाई सिर्फ दवाओं या चिकित्सा तक सीमित नहीं, यह सामाजिक न्याय, समानता, मानवाधिकार और मानवीय संवेदना की लड़ाई है।

अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव द्वारा एड्स दिवस के उद्देश्य एवं महत्व के विषय में भी जानकारी देते हुए कहा गया कि इस दिन का उद्देश्य एड्स या एचआईवी संक्रमण से जुड़ी भांतियां, कलंक, डर और बहुत सी धारणाओं को मिटाना, लोगों को एचआईवी/एड्स के बारे में सही जानकारी, रोकथाम, उपचार और देखभाल के बारे में जागरूकता फैलाना तथा जिन लोगों ने इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवाई उनकी याद में और जो इस वायरस से संक्रमित हैं उन्हंे समर्थन देना भी इसका एक मुख्य उद्देश्य है। इस दिन का लक्ष्य है सामाजिक भेदभाव, असमानता और मानव-अधिकार उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाना, ताकि एचआईवी प्रभावित लोगों को सम्मान, समानता और सुरक्षा मिल सके ।




