अयोध्या धामउत्तर प्रदेशधर्म
मकर संक्रांति पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब जिला प्रशासन ने किया व्यापक तैयारियां
मकर संक्रांति पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब जिला प्रशासन ने किया व्यापक तैयारियां
अयोध्या धाम
रामनगरी अयोध्या मकर संक्रांति के पावन पर्व पर भक्ति और श्रद्धा के अद्भुत संगम में डूबी नजर आई। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तरायण की शुरुआत का यह शुभ अवसर हजारों-लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया। एक अनुमान के अनुसार करीब पांच लाख के आसपास श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य अर्जित किया। भोर होते ही ब्रह्म मुहूर्त से सरयू घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

स्नान के बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां रामलला को विशेष श्रृंगार और खिचड़ी का भोग लगाया गया। हनुमानगढ़ी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ रही, जहां हनुमान जी के दर्शन-पूजन के साथ पर्व का आनंद लिया गया। राम मंदिर में भक्तों ने रामलला के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और नई शुरुआत की कामना की।
मकर संक्रांति पर सरयू स्नान का अलग ही महत्व है। रामनगरी में आकर ऐसा लगता है जैसे सारे पाप धुल गए। आलोक ने कहा योगी सरकार की व्यवस्थाओं से इस बार बहुत सुगमता रही। यह पर्व न केवल स्नान-दान का है, बल्कि नए संकल्पों और सूर्य की ऊर्जा से जीवन को रोशन करने का भी प्रतीक है। अयोध्या में आज का जनसैलाब राम भक्ति और सनातन संस्कृति की जीवंतता का जीता-जागता प्रमाण बना।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। सरयू घाटों पर विशेष सफाई व्यवस्था, 24×7 प्रकाश, पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम और पार्किंग की सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। नगर निगम ने सैकड़ों कर्मचारियों को तीन पालियों में तैनात किया, ताकि कोई असुविधा न हो।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। घाटों पर पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड पर तैनात थे। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग एवं मार्गदर्शन बोर्ड लगाए गए।
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि प्रशासन की मुस्तैदी और भक्तों की अटूट श्रद्धा ने इस पर्व को यादगार बना दिया। श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसका विशेष ख्याल रखा गया है। अगले स्नान पर्व मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।




