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मनोरंजन के नाम पर ‘ब्राह्मण अस्मिता और नारी सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : समाजसेवी अर्चना तिवारी

मनोरंजन के नाम पर ‘ब्राह्मण अस्मिता और नारी सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : समाजसेवी अर्चना तिवारी
अयोध्या
कानपुर देहात में बिकरू कांड की पृष्ठभूमि पर बनी वेब सीरीज ‘UP 77’ को लेकर विवाद गहरा गया है और समाजसेवी अर्चना तिवारी ने एक वीडियो जारी कर इस डिजिटल कचरे के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। अर्चना तिवारी ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट कहा है कि मनोरंजन की आड़ में टीआरपी बटोरने और पैसा कमाने के लिए अब रिश्तों की नीलामी शुरू कर दी गई है, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने वेब सीरीज के निर्माताओं और फिल्म जगत के लोगों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे रचनात्मक दिवालियापन करार दिया है। इस सीरीज में मुख्य पात्र विकास
दुबे का नाम बदलकर ‘विशाल दुबे’ कर देने मात्र से सच्चाई और निर्माताओं के गंदे इरादे नहीं छिप जाते। यह पूरी तरह से संविधान के ‘अनुच्छेद 21’ का उल्लंघन है, जो हर नागरिक को निजता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। अर्चना तिवारी ने जिलाधिकारी को दिए अपने प्रार्थना पत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया है कि बिना किसी एनओसी (NOC) या न्यायालय की अनुमति के किसी के निजी जीवन को पर्दे पर मसाला बनाकर कैसे परोसा जा सकता है। सबसे अधिक आपत्ति महिलाओं के अपमान और उनके चरित्र पर उछाले गए कीचड़ को लेकर है। सीरीज में कहानी को चटपटा बनाने के लिए मृतक की पत्नी और घर की अन्य महिलाओं के चरित्र को लेकर जो फूहड़ता और अवैध संबंधों का चित्रण किया गया है, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। अर्चना तिवारी ने उन दिग्गज ब्राह्मण नेताओं की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं जो चुनाव के वक्त तो अस्मिता की बात करते हैं, लेकिन आज जब एक परिवार की मर्यादा बीच बाजार नीलाम हो रही है, तो उनके होंठ सिले हुए हैं। फिल्म अभिनेता विक्रम कोचर और संबंधित टीम के इस कृत्य से न केवल पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हुई है, बल्कि नई पीढ़ी को अपराध और अनैतिकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर इस सीरीज के प्रसारण पर तुरंत रोक लगाने और दोषियों पर सख्त विधिक कार्यवाही की मांग की गई है, जिस पर आगामी 13 तारीख को न्यायालय में अहम सुनवाई होनी है। अर्चना तिवारी ने समस्त समाज से अपील की है कि वे इस न्याय की लड़ाई में एकजुट हों ताकि भविष्य में कोई भी डिजिटल लुटेरा किसी के घर की इज्जत को अपना ‘कंटेंट न बना सके।




