अयोध्या धामउत्तर प्रदेशश्री राम राज्य पुनर्निर्माण महायोजना

राजसूय महायज्ञ के मिशन में पाई-पाई का हिसाब राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पित है : पण्डित श्री राजेन्द्र त्रिपाठी जी 

राजसूय महायज्ञ के मिशन में पाई-पाई का हिसाब राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पित है : पण्डित श्री राजेन्द्र त्रिपाठी जी
अयोध्या धाम/उत्तर प्रदेश
I just associate to All India Chartered Accountants Society for ​​
॥ राजसूय मिशन २०२६: वित्तीय शुचिता के ५ आधार स्तंभ ॥
​प्रस्तावना: “आस्था से अर्थव्यवस्था” का मार्ग तभी प्रशस्त होता है जब संगठन की आर्थिक नींव सत्य, पारदर्शिता और सामाजिक ऑडिट पर टिकी हो। राजसूय मिशन में पाई-पाई का हिसाब राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पित है।
​१. त्रि-स्तरीय सामाजिक ऑडिट (Triple-Layer Audit):
मिशन की प्राप्तियों और व्यय का ऑडिट केवल प्रोफेशनल चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ही नहीं, बल्कि एक ‘मार्गदर्शक मंडल’ (जिसमें टावरी जी जैसे अनुभवी व्यक्तित्व हों) द्वारा भी त्रैमासिक रूप से किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
​२. डिजिटल एवं कैशलेस प्रबंधन:
११११ संस्थापक संरक्षकों से प्राप्त होने वाली ‘सीड कैपिटल’ का १००% हिस्सा डिजिटल माध्यमों (Banking/UPI) से ही स्वीकार किया जाएगा। नकद लेनदेन के लिए इस मिशन में कोई स्थान नहीं है, ताकि शुचिता बनी रहे।
​३. उद्देश्य-आधारित बजटिंग (Objective-Based Budgeting):
प्राप्त निधि का ७०-८०% हिस्सा सीधे जन-जागरण और विज्ञापन (दैनिक जागरण, टीवी, डिजिटल मीडिया) पर खर्च होगा, जिसका लक्ष्य ५१,००० पंचायतों के युवाओं को जोड़ना है। शेष राशि तकनीकी बुनियादी ढांचे (ISEC/SEZ Planning) और संगठनात्मक संचालन पर व्यय होगी।
​४. वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance):
मिशन के तहत होने वाले सभी वित्तीय व्यवहार आयकर अधिनियम (Income Tax Act) और विदेशी निवेश (NRI Investment के मामले में FCRA/FEMA) के कड़े नियमों के अनुरूप होंगे। इसके लिए एक समर्पित ‘Compliance Cell’ का गठन किया जाएगा।
​५. ग्राम-स्तरीय पारदर्शिता:
‘एक ग्राम – एक संरक्षक’ (NRI/Industrialist Adoption) के तहत जो भी निवेश गाँव में आएगा, उसका सीधा नियंत्रण और निगरानी उस गाँव की ‘राजसूय समिति’ और दानदाता के बीच सीधा रहेगा। महासभा केवल एक पारदर्शी सेतु का कार्य करेगी।

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