उत्तर प्रदेशसुल्तानपुर
सागर अकेला अपने गीतों से देंगे अवधी को नई पहचान

सागर अकेला अपने गीतों से देंगे अवधी को नई पहचान
सुल्तानपुर
अवधी भाषा और संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में उभरते गायक सागर अकेला आज क्षेत्र में तेजी से चर्चा का विषय बने हुए हैं। जनपद सुल्तानपुर के ग्राम रामापुर, ब्लॉक कुड़वार, थाना धम्मौर निवासी सागर अकेला अपने अवधी गीतों के माध्यम से न सिर्फ मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि अवधी भाषा को एक नई पहचान भी दिला रहे हैं।
किसान परिवार में जन्मे सागर अकेला ने अपनी मेहनत और लगन से संगीत की दुनिया में अलग मुकाम बनाया है। उन्होंने गनपत सहाय महाविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और साथ ही संगीत का गहन अध्ययन किया। सागर का मानना है कि “अवधी केवल बोली नहीं, हमारी पहचान है।”
उनके कई गीत सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनमें
“अवधि बोलै मा काहे सरम लागै”,
“हमहू अवध से, तुहू अवध से आवा, अवधि बोला जाय”,
“अपराधी (रंगदारी सांग)” और
“फलाने के लौंडा (रंगदारी सांग)”
जैसे गीत खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। इन गीतों में जहां एक ओर लोकसंस्कृति की खुशबू है, वहीं समाज की सच्चाइयों को भी बेबाक अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया है।
सागर अकेला के करीबी मित्रों में संजय यदुवंशी, विष्णु और भरत शामिल हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। आज सागर अकेला युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं और अवधी भाषा को मुख्यधारा में लाने के अपने संकल्प पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
सागर अकेला का कहना है कि आने वाले समय में वह अवधी को देश-प्रदेश में पहचान दिलाने के लिए और भी नए व सार्थक गीत लेकर आएंगे।




