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श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की भी प्रतिमा स्थापित किया जाए : डॉक्टर मुरलीधर सिंह “शास्त्री” अधिवक्ता उच्च न्यायालय

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की भी प्रतिमा स्थापित किया जाए : डॉक्टर मुरलीधर सिंह “शास्त्री” अधिवक्ता उच्च न्यायालय
लखनऊ/ उत्तर प्रदेश
भारतवर्ष में भगवान शंकर से संबंधित 12 ज्योतिर्लिंग है इसमें सर्वप्रथम सौराष्ट्र के सोमनाथ का जिक्र आता है |
 सोमलिंगम नरो द्रेस्टवा सर्वपापा प्रमुच्येत अर्थात सोमनाथ के दर्शन करने वाला व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है |
सोमनाथ मंदिर परिसर में डॉक्टर के मुंशी एवं जामनगर के तत्कालीन महाराजा दिग्विजय सिंह  जी की भी प्रतिमा स्थापित किया जाए,
और हमारे श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या में भाई नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री जी की भी प्रतिमा स्थापित किया जाए |
 सोमनाथ के तर्ज पर
12 ज्योतिर्लिंगों का केंद्रीय ट्रस्ट निर्माण किया जाए
जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री बने जिसमें एकरूपता रहे सोमनाथ ट्रस्ट की तरह है  |
भारत सरकार या राज्य सरकार की के धार्मिक ट्रस्ट कार्य करें
 आम श्रद्धालुओं के दान का पैसा मंदिर एवं सामाजिक कार्यों में प्रयोग हो
डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री अधिवक्ता
मा उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ
एवं पूर्व उपनिदेशक मुख्यमंत्री मीडिया सेंटर लोक भवन  लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश
 अध्यक्ष श्री अयोध्या जी सेवl न्यास उत्तर प्रदेश
10 जनवरी 2026 माननीय न्यायालय परिसर से सौराष्ट्र सोमनाथ श्रीशैलम मल्लिकार्जुन उज्जैन का महाकाल ओमकाराम मल्लेश्वरम इस सोमनाथ मंदिर को आज से लगभग 1000 वर्ष पूर्व मुस्लिम आक्रमणकारी द्वारा विध्वंस किया गया था
तथा इसका छह बार निर्माण किया गया  और सातवीं बार निर्माण आजाद भारत में के कार्यकाल में किया गया जिसका पूरा
श्रेय देश के प्रथम  उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को जाता है
उनके अन्य सहयोगी में डॉक्टर के एम मुंशी और जामनगर के राजा दिग्विजय सिंह जी नाम लिया जाता है  1000 वर्ष विध्वंस की जयंती विध्वंस  तिथि को ,(स्वाभिमान दिवस) के रूप में मनाया जा रहा है और
 देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी भी 11 जनवरी 2026=को  जा रहे हैं |
 उल्लेखनीय है कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण में सोमनाथ श्री सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट है जो एक भारत सरकार का ट्रस्ट है इसके अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री जी हैं इसमें पूर्व वरिष्ठ नेता  भारत रत्न श्री लाल कृष्ण आडवाणी केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित भाई शाह गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति हैं जिसमें शिक्षाविद के रूप में श्री  जीडी परमार तथा अन्य सदस्य में श्री प्रवीण भाई लहरी जोगेंद्र भाई देसाई आदि प्रमुख हैं या ट्रस्ट के अलावा इसकी एक कार्यकारिणी समिति है जिसमें शिक्षा विद  एवं पुजारी तथा कार्यरत नौकरशाह एवं सेवानिवृत्ति नौकरशाह रखे गए हैं यह मंदिर गिर क्षेत्र में  है इसका क्षेत्रफल लगभग 3755 वर्ग किलोमीटर है यहां पर एक दर्जन से ज्यादा तीर्थ स्थल हैं
 जिसमें प्रमुख तीर्थ स्थल श्री बलराम जी द्वारा अपने सर शरीर त्याग का स्थल है जहां पर उसे शेषनाग के रूप में प्रकट होकर सरस्वती नदी के माध्यम से समुद्र रत्नाकर अरब सागर में प्रवेश किए थे तथा वहीं पर भगवान श्री कृष्ण का  भालका  तीर्थ स्थल है जहां पर उनको जरा नाम के बहेलिए ने  उनके दाहिने पैर में अपने तीर के निशान से मारा था तथा वहीं से अपने शरीर का उन्होंने उत्सर्ग किया था और उनके शरीर का अवशेष वर्तमान अरब सागर में फेंक दिया गया था |
 जो कालांतर में हृदय उनका जगन्नाथ पुरी में विराजमान है उनका दाह संस्कार का कार्य उनके प्रिय शाखा एवं पांडव श्री अर्जुन द्वारा किया गया था
इसका उल्लेख श्रीमद् भागवत में एवं विष्णु पुराण में वायु पुराण में अग्नि पुराण में महाशिवपुराण में विशेष रूप से उल्लेख होता है आज हमारे इस बात उल्लेख करने का मुख्य उद्देश्य है कि भारत में एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो केंद्रीय संरक्षण में बना तथा इसके अध्यक्ष माननीय प्रधानमंत्री जी हैं मेरी मांग है कि भारत के अन्य द्वादश ज्योतिर्लिंग जो  हैं जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर ओंकारेश्वर मंदिर केदारेश्वर मंदिर बैद्यनाथ मंदिर  भीमाशंकर मंदिर त्रंबकेश्वर मंदिर घृष्णेश्वर मंदिर नागेश्वर मंदिर मल्लिकार्जुन नागेश्वर  रामेश्वरम मंदिर सभी का एक केंद्रीय ट्रस्ट अलग-अलग बनाई जाए और उसके प्रधानमंत्री में अध्यक्षों उसके अन्य सदस्यों में सरकार जिसको उचित समझे हो रहा है लेकिन उसे राज्य का मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी उसमें शामिल हो श्री राम जन्मभूमि न्यास  श्री सोमनाथ न्यास केंद्रीय न्यास है इसी पैटर्न पर अन्य  को बनाया जाए
 तथा भारतीय संसद इसके लिए अलग-अलग कानून बनाएं क्योंकि जैसा सोमनाथ मंदिर में व्यवस्था है वहां सबसे अच्छी है हमने 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन किया है कहीं पर भी ऐसे  व्यवस्था नहीं है  |
और मैं प्रधानमंत्री जी को इसके लिए धन्यवाद देता हूं उन्होंने क्षेत्र में काम कर रहे हैं तथा 22 जनवरी 2024 को श्री राम मंदिर के जन्म भूमि मंदिर के उद्घाटन के समय अपने भाषण में कहा था
 यह मंदिर हजारों वर्ष के लिए बन रहा है आज जब हम श्री सोमनाथ मंदिर जी का स्वाभिमान दिवस मनाते हैं तो 1000 वर्ष पूर्व तो तोड़ा गया था लेकिन आजादी के 75 वर्ष होने में समय इसका 11 में 19 51 को देश के राष्ट्रपति तत्कालीन राष्ट्रपति एवं महान व्यक्तित्व भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद जी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था और इसके पूर्व के मंदिर छह बार बना था पहले कालखंड इसका प्रथम शताब्दी में श्री सोम शर्मा नामक महान संत द्वारा बनाया गया था द्वितीय मंदिर 470 में राजा चालुक्य राजा द्वारा बनाया गया था
तृतीय मंदिर आठवीं सदी में सोलंकी राजा द्वारा बनाया गया था जो आठवीं शताब्दी में था तथा
 चतुर्थ मंदिर का निर्माण चालुक्य  कारक के राजा श्री भीमदेव द्वारा मंदिर विध्वंस के बाद 1030 में बनवाया गया था
पंचम मंदिर का निर्माण चालू कराया कुमार पाल द्वारा 1144 ईस्वी में बनवाया गया था और छठवीं बार निर्माण 1308 में जूनागढ़ के महाराजा महिपाल  द्वारा बनवाया गया था तथा सातवीं बार मानपुर की अवतार महारानी अहिल्याबाई द्वारा ई सन 1783 से लेकर 1788 तक मंदिर बनवाया गया था जिसको अहिल्याबाई मंदिर कहते हैं कालांतर में आजाद भारत में श्री प्रकाश सरदार भाई वल्लभभाई पटेलऔर जूनागढ़ के जो जामनगर के राजा थे श्री महाराज दिग्विजय सिंह द्वारा इस मंदिर का निर्माण आजाद होने  पर बनवाया गया है इस मंदिर निर्माण के समय सरदार पटेल जी महाराज दिग्विजय सिंह जी केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री गाडगिल जी प्रसिद्ध विचारक श्री डॉक्टर के मुंशी जी और उसे समय के तत्कालीन प्रतिष्ठित व्यक्ति श्री श्याम पाल गांधी जी आदि प्रमुख थे मंदिर निर्माण का मुख्य दायित्व डॉक्टर के मुंशी साहब को दिया गया था तथा इसके निर्माण के वास्तु शिल्पकार श्री प्रभाकर सोमपुरा थे और मंदिर निर्माण के पूर्व सरदार पटेल द्वारा 13 नवंबर 1947 दीपावली के अवसर पर मंदिर प्रांगण में एक जनसभा का आयोजन किया गया था और समुद्र का जल लेकर संकल्प लिया था कि हम मंदिर बनवाएंगे हम मंदिर का निर्माण मंदिर का निर्माण शुरू हो गया था एक सबसे बड़ा दुखद घटना थी कि 15 दिसंबर 1950 को हो गया इसके कहां लगता था कार्य नहीं हो पाएगा लेकिन जामनगर के राजा जिनका सबसे बड़ा आर्थिक सामाजिक जमीन आदि  संबंध में सहयोग था  |
उनके साथ के मुंशी को मिला और दोनों महापुरुषों ने इस मंदिर को पूर्ण रूप प्रदान किया उसके बारे में अनेक क्षेत्रों में अनेक का गाथाएं और कथाएं हैं लेकिन वास्तविक कथाएं हैं इस मंदिर प्रांगण में सरदार पटेल जी की प्रतिमा उसके मुख्य द्वार के पास स्थापित है तथा यह मेरा अनुरोध है कि इसमें डॉक्टर के मुंशी की भी प्रतिमा और महाराज जामनगर श्री दिग्विजय सिंह की प्रतिमा भी स्थापित किया जाए  केंद्रीय ट्रस्ट है इसी तरह श्री राम जन्मभूमि मंदिर में जिसका असली सूत्रधार नरेंद्र भाई मोदी जी हैं इनकी भी प्रतिमा स्थापित किया जाए और अन्य जो 12 ज्योतिर्लिंग है और चारों धाम जिसमें द्वारिका पीठ द्वारिका पीठ जगन्नाथ पुरी पीठ बद्रीनाथ पीठ एवं तिरुपति बालाजी मंदिर पीठ को को भी केंद्रीय ट्रस्ट बनाया जाए और सभी ट्रस्ट एकरूपता बनी रहे इसलिए प्रधानमंत्री जी को ही ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जाए और राज्यों के मुख्यमंत्री राज्यपाल भी  हो
और एक ट्रस्ट की कार्य समिति बनाई जाए जो नियमित कार्य देखें और आम जनमानस के से प्राप्त होने वाले मंदिरों के  चढ़ावा का दान पूर्ण का सभी का सही इस्तेमाल हो सके आज किसी भी मंदिर में ऐसी व्यवस्था नहीं है |
काशी विश्वनाथ मंदिर में भी ऐसी व्यवस्था नहीं है|
 लेकिन सोमनाथ मंदिर में यह देखने को मिलती है वह एक आदर्श है इसको लागू करना चाहिए किसी भी सहयोग मंदिर के निर्माण में जितना महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने योगदान दिया उतना किसी ने नहीं दियाउन्होंने इस मंदिर का जीवन उधर 1783 में ई में प्रारंभ किया था तथा इसी प्रकार काशी विश्वनाथ मंदिर का भी निर्माण इन्होंने 1780 में प्रारंभ किया था दोनों मंदिरों का जो स्वरूप वर्तमान  जो देखने को मिलता है और जिसको अहिल्याबाई होल्कर मंदिर भी कहते हैं |
और जो वर्तमान सोमनाथ मंदिर है यह इसी मंदिर के तर्ज पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर भी बनाया गया है एक स्वागत चौक है तथा सभी को स्वागत करना चाहिए तथा केंद्रीय और राज्य सरकार को सहयोग करना चाहिए मै  माय इस अवसर पर सनातनी लोगों को तथा केंद्रीय और राज्य सरकार के सहयोगी जो इस कार्य में लगे हुए हैं और ऐसे विचार मन पुरुषों को महात्माओं को बधाई देता हूं तथा आशा करता हूं सनातन राष्ट्र को आगे बढ़ाने में सभी सहयोग करेंगे तथा इसको नई पीढ़ी याद रखें इसके संबंध में व्यापक साहित्य की भी रचना किया जाए |
 जय हिंद जय भारत जय भारतीय संस्कृति जय संविधान

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