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तनावमुक्त जीवन के लिए साधना और स्वभावदोष निर्मूलन अनिवार्य : सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ

तनावमुक्त जीवन के लिए साधना और स्वभावदोष निर्मूलन अनिवार्य : सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ
अयोध्या
वर्तमान में बढती प्रतिस्पर्धा तथा बाजार में होनेवाले उतार-चढाव, भविष्य की अनिश्चितता इत्यादि के कारण समाज तनाव में हैं । वास्तव में तनाव बाहर की परिस्थितियों से अधिक हमारे मन की स्थिति के कारण होता है । तनाव के कारण विविध प्रकार के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक कष्ट भी होते हैं । तनाव पर मात कैसे किया जाए, यह न जानने के कारण समाज में व्यसन, अपराध, आत्महत्या इत्यादि घटनाएं बढती ही जा रही हैं । यदि हम साधना के माध्यम से अपने मन को सशक्त बनाएं और अपने स्वभावदोषों को दूर करें, तो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी हम आनंदमय जीवन जी सकते हैं, ऐसे वक्तव्य सद्गुरु निलेश सिंगबाळ जी ने व्यक्त किए । सनातन संस्था द्वारा प्रेस क्लब (अयोध्या) में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गए ।

इस समय प्रेस क्लब (अयोध्या) के सचिव श्री. जयप्रकाश जी एवं अन्य उपस्थित थे ।
सद्गुरु निलेश सिंगबाळ जी ने बताया कि, जीवन की 80% समस्याओं के पीछे आध्यात्मिक कारण होता है । इसे दूर करने के लिए प्रतिदिन सभी ने अपने कुलदेवता का नामजप करना आवश्यक है । इसी के साथ पितरों के से संबंधित कष्ट के निवारण हेतु श्री गुरुदेव दत्त यह जप भी प्रतिदिन 9 माला अवश्य करें ।
आपकी नम्र,
श्रीमती प्राची जुवेकर
सनातन संस्था



