अयोध्याउत्तर प्रदेश

अयोध्या की पारंपरिक संगीत शैली में सुंदरकांड पारायण, योग शिविर में मुद्राओं का अभ्यास

अयोध्या की पारंपरिक संगीत शैली में सुंदरकांड पारायण, योग शिविर में मुद्राओं का अभ्यास
अयोध्या
 मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ आयोजित ‘श्रीराम पर्व’ के अंतर्गत आज अयोध्या की प्राचीन संगीत परंपरा और योग विज्ञान का अद्भुत संगम देखने को मिला। नौ दिवसीय इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न केंद्रों पर आयोजित सुंदरकांड पारायण ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर करने के साथ-साथ अवध की लुप्त होती पारंपरिक गायन शैली का भी साक्षात्कार कराया।
सभी केंद्रों पर सुंदरकांड का पारायण पं. ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान के निदेशक एवं अयोध्या संगीत घराना के मूर्धन्य आचार्य पं. डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा के संरक्षण और निर्देशन में संपन्न हुआ। संस्थान के विद्यार्थियों ने अवध की पारंपरिक संगीत शैली में सुंदरकांड की चौपाइयों का अत्यंत सुमधुर गायन किया। इस अवसर पर डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि यह पारायण ‘राग मिश्र पीलू’ पर आधारित अवधी धुन में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस राग का अयोध्या के मंदिरों में पद गायन के लिए सदियों से प्रयोग होता रहा है। भक्ति और श्रृंगार रस से परिपूर्ण होने के कारण अवध की पारंपरिक गायन शैली में दोहा, चौपाई और छंद के लिए इस राग का विशेष महत्व है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य इस पारंपरिक धुन को जन-जन तक पहुँचाना है ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सके।
उधर, सूर्य कुण्ड, दर्शन नगर में संचालित योग शिविर आज अपने शीर्ष स्तर पर रहा। योग भारती के संस्थापक श्री श्रीनिवास मूर्ति जी के सानिध्य में आज की गतिविधियाँ विशेष रूप से योग मुद्राओं, शोधन क्रियाओं और विशिष्ट योगासनों पर केंद्रित रहीं। आधुनिक जीवन शैली के कारण घटती शारीरिक क्षमता को पुनर्जीवित करने के लिए साधकों को विशेष अभ्यास कराए गए। शिविर में डॉ. राजपाल और रामकुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के सूत्र सीखे।
इन आयोजनों की सफलता में श्री रिंकू वैद्य, अध्यक्ष आनंद कुमार, गोपाल जी, लाल जी वैद्य, अंकित वैद्य, सुनील अवस्थी, चंद्रशेखर तिवारी, धर्मेंद्र वर्मा, बृजमोहन तिवारी और डॉ. नीरज शुक्ला ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। साथ ही व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में श्री बृजेन्द्र दुबे, योगेश्वर सिंह, राम नरेश तिवारी, रितेश सिंह, अमन, परमजीत, शुभम पाठक, निखिल पाण्डेय, जितेंद्र यादव और हर्षित मिश्रा की सक्रिय भूमिका रही।
विदित हो कि ई. रवि तिवारी के संयोजन में चल रहे इन कार्यक्रमों का भव्य समापन एवं विशिष्ट सहयोगियों का सम्मान समारोह आगामी 27 मार्च 2025 को रानी हो कोरिया पार्क, अयोध्या में आयोजित किया जाएगा।

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