अयोध्या धामउत्तर प्रदेश
ऐतिहासिक गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड साहिब पहुंचे लक्ष्मी प्रपन्नाचार्य जीयर स्वामी, गुरुओं को किया नमन

ऐतिहासिक गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड साहिब पहुंचे लक्ष्मी प्रपन्नाचार्य जीयर स्वामी, गुरुओं को किया नमन
अयोध्या धाम
रामनगरी अयोध्या स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा ब्रह्कुंड साहिब में आयोजित कार्यक्रम में लक्ष्मी प्रपन्नाचार्य जीयर स्वामी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सिख गुरुओं को नमन करते हुए उनके बलिदान और आदर्शों को स्मरण किया।
स्वामी जी ने विशेष रूप से सिख धर्म के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के महान बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि “तिलक जनेऊ राखा प्रभ ता का” उक्ति उनके उस अद्वितीय त्याग का प्रतीक है, जब उन्होंने औरंगजेब के शासनकाल में कश्मीरी पंडितों के धर्म और आस्था की रक्षा के लिए दिल्ली के चांदनी चौक में अपने प्राणों की आहुति दी थी।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड साहिब का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, जहां सिख धर्म के तीन प्रमुख गुरु—गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी का आगमन हुआ था गुरुद्वारा के ज्ञानी गुरजीत सिंह जी ने स्वामी जी के आगमन को सौभाग्य बताते हुए कहा कि सिख धर्म सदैव सनातन धर्म की रक्षा के लिए खड़ा रहा है और इसके लिए अनेक बलिदान दिए गए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राम मंदिर आंदोलन में भी गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड साहिब की अहम भूमिका रही है इस अवसर पर ज्ञानी चरणजीत सिंह, पूर्व सभासद गुरबीर सिंह सोढ़ी, सुखबीर सिंह, अमन विक्रम सिंह, अगमप्रीत सिंह, हरि विक्रम सिंह, मीडिया प्रभारी अंकुर पांडेय सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।




