अयोध्या धामउत्तर प्रदेशधर्म

भगवान श्री सूर्य देव जी की 641वीं भव्य मंगला आरती संपन्न हुई 

भगवान श्री सूर्य देव जी की 641वीं भव्य मंगला आरती संपन्न हुई
अयोध्या धाम
सूर्यकुंड सूर्यवंश के कुलपुरुष सूर्यदेव का सिद्ध स्थान है.
भगवान राम के जन्म से हर्षित होकर सूर्यदेव एक महीने के लिए ठहर गये, और पूरे एक महीने का दिन हो गया था, यह वही स्थान है।
गोस्वामी जी ने मानस में लिखा –
मास दिवस कर दिवस भा, मरम न जानइ कोइ!
रथ समेत रबि थाकेउ, निसा कवन बिधि होइ!!
कालांतर में कालक्रम से यहाँ स्थित गड्ढे का जल स्पर्श करने मात्र से सूर्यवंशी राजा घोष का चर्मरोग ठीक हो गया। तब उन्होंने ही यहाँ सूर्यकुण्ड का निर्माण करवाया।
19वीं सदी में शाकद्वीपीय ब्राह्मण अयोध्या के राजा दर्शन सिंह ने वर्तमान सूर्यकुंड का नवनिर्माण करवाया और दर्शन नगर बसाया। दर्शन नगर स्टेशन भी है।
बड़े रविवार को सूर्यकुंड पर दर्शन मेला लगता है।
उत्तर भारत में सूर्यनारायण के तीन प्रसिद्ध पौराणिक चमत्कारी तीर्थ हैं।
1 घोषार्क कुंड (सूर्य कुंड) अयोध्या 2 लोलार्क कुंड वाराणसी
3 बालार्क कुंड बहराइच। बालार्क कुंड को ही लोग मूर्खतावश विदेशी आक्रान्ता गाज़ी सालार मसूद यानि तथाकथित बालेमियाँ के कुँआ के नाम से जानते रहे। वह वास्तव में सूर्यकु़ंड है|
इस पवित्र सूर्य मन्दिर एवं कुण्ड का संरक्षण श्री संरक्षक सत्यदेव मिश्र
अध्यक्ष अविनाश तिवारी व उपाध्यक्ष अमित गुप्ता सभी लोग मिलकर सुचारू रूप से देखभाल कर रहे हैं|

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