अयोध्या धामउत्तर प्रदेशसमाज सेवा

दर्जनों बटुकों का निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार भव्य रूप से संपन्न हुआ

दर्जनों बटुकों का निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार भव्य रूप से संपन्न हुआ
अयोध्या धाम
 रामनगरी स्थित माधव सेवा सदन के पवित्र परिसर में अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के तत्वावधान में विप्र बटुकों का निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार भव्य रूप से संपन्न हुआ। चैत्र मास के पुण्य अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच दर्जनों बटुकों का उपनयन संस्कार सम्पन्न कराया गया।कार्यक्रम में परिषद के प्रदेशाध्यक्ष पंडित दिलीप राम त्रिपाठी मुख्य यजमान के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में वर्णित 16 संस्कारों में यज्ञोपवीत संस्कार का विशेष महत्व है। यह संस्कार बालक के जीवन में शिक्षा, अनुशासन और ब्रह्मचर्य की शुरुआत का प्रतीक होता है।समारोह के संरक्षक एवं माधव सेवा सदन के पीठाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य जी महाराज के सानिध्य में पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार के पश्चात बालक को वेद अध्ययन का अधिकार प्राप्त होता है तथा उसे संयमित जीवन, गुरु के सानिध्य में रहकर ज्ञानार्जन और नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दी जाती है।कार्यक्रम का संचालन आचार्य  वीरेन्द्र कुमार वैदिक के आचार्यत्व में हुआ, जिसमें आचार्य बृजेश कुमार पाण्डेय, आचार्य रवींद्र कुमार मिश्र, आचार्य नारायण जी महाराज, आचार्य दाशारथी, डॉ. श्याम नारायण मिश्र, आचार्य राधेश्याम मिश्र, आचार्य कृष्णानंद मिश्रा, पंडित जितेंद्र तिवारी सहित कई विद्वान आचार्यों ने वैदिक रीति से संस्कार सम्पन्न कराया। इस अवसर पर आचार्यों ने बटुकों को धर्म, आचार-विचार और संस्कारों की महत्ता से अवगत कराते हुए अनुशासित जीवन जीने तथा समाज व धर्म के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित रामानुज तिवारी, कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित धर्मदत्त पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य राधेश्याम शास्त्री, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महंत क्षीरेश्वर दत्त मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत ओमप्रकाश मिश्र, सदस्य जय प्रकाश तिवारी, वीरेंद्र कुमार पाठक सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।समारोह में उपस्थित अभिभावकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। अंत में सभी बटुकों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!