लखनऊ
25 दिसंबर का दिन विश्व में ईसा मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता : डॉ मुरलीधर सिंह “शास्त्री ” अधिवक्ता उच्च न्यायालय

25 दिसंबर का दिन विश्व में ईसा मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता : डॉ मुरलीधर सिंह “शास्त्री ” अधिवक्ता उच्च न्यायालय
लखनऊ

25 दिसंबर बड़ा दिन का त्यौहार विश्व में ईसा मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है इस अवसर पर सभी को बधाई
आज उनके विचार विश्व के संदर्भ में प्रासंगिक हैं
(हमारे धर्म शास्त्रों से मेल खाते हैं)
भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि मेरा चिंतन करो मेरी पूजा करो मेरा स्मरण करो मुझे नमस्कार करो मेरे बताएं मार्ग पर चलो मैं आपको वचन देता हूं तुम मेरे प्रिय हो मेरे पास ही आओगे मैं तुमसे अलग नहीं हूं l
(श्रीमद् भागवत गीता 18 / 6५श्लोक )से
प्रभु ईसा मसीह ने कहा था की मैं मार्ग सत्य जीवन मैं ही हूं
मेरे बताए गए मार्ग पर जो चलता है वह मुझको एवं मेरे प्रभु को प्राप्त करता है
न्यू टेस्टामेंट / जॉन /चैप्टर 14 (बाइबल के साभार से)
डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री अधिवक्ता
मा उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ
एवं पूर्व उपनिदेशक मुख्यमंत्री मीडिया सेंटर उत्तर प्रदेश लोक भवन लखनऊ
लखनऊ से
25 दिसंबर बड़ा दिन का संबंध भगवान jesus christ / ईसा मसीह से है हमारे देश में अनेक नेता हुए महापुरुषहुए जिनका जन्म दिवस 25 दिसंबर को मनाया जाता है जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी आदि है ईसा मसीह का अवतार आज से लगभग 2900 वर्ष पूर्व 4 बीसी में तत्कालीन पश्चिम एशिया के राजा हीरोड शासन काल में हुआ था
इसी धारा धाम पर हमारे भगवान श्री कृष्ण ने 3828 बीसी में अवतार लिया था दोनों के विचारों में समता है तथा आज के तनाव युक्त समाज एवं मानवता के लिए उनका का संदेश लाभकारी है
भगवान श्री कृष्ण के अवतार के बाद भगवान महावीर का अवतार 599 बीसी में तथा भगवान गौतम बुद्ध का अवतार 563 बीसी में हुआ था के बाद विश्व को पश्चिमी जगत को संदेश देने वाले ईसा मसीह का जन्म होता है ईसा मसीह ने कभी भी अस्त्र-शस्त्र नहीं उठाया भगवान महावीर ने भी अस्त्र-शस्त्र नहीं उठाया तथा भगवान गौतम बुद्ध ने भी अस्त्र-शस्त्र नहीं उठाया पर भगवान श्री कृष्ण ने धरती का भार हरण करने के लिए अस्त्र-शस्त्र उठाया था
पर इस दौरान 45 घड़ी में कुरुक्षेत्र के मैदान में श्रीमद् भागवत गीता का संदेश दिया था जो सभी कालों में ग्रहण करने योग्य है
स्वीकार करने योग्य है |

भारतीय दर्शन का प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ा है और अनेक प्रमाण प्राप्त हो चुके हैं जिसमें जीसस क्राइस्ट बहुत कल तक एशिया महादेश दीप में लगभग 12 वर्ष तक अपना जीवन बताया था और
भारत में महादेव जी के अवतार एक महाअवतार बाबा है जिनका उम्र अनंत काल तक है और भारत के ऋषि परंपरा के समय-समय पर दिशा निर्देश देने के लिए महापुरुष से मिलते हैं आशीर्वाद देते हैं इनका मुख्य क्षेत्र हिमालय है पर एक काशी क्षेत्र में भी महापुरुषों से मिलने की उल्लेखनीय बात सामने आई है जिसमें क्रिया योग के संस्थापक लाहिरी महाशय एवं महर्षि योगानंद तथा आधुनिक भारत में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती जी से भी इनका साक्षात्कार हुआ है तथा सबसे बड़ा साक्षात्कार हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी के हिमालय यात्रा के समय हुआ है
और उन्हीं के निर्देश पर प्रधानमंत्री जिन्हें अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था तथा उन पर महाअवतार बाबा की पूर्ण कृपा है
और इस तरह अनेक संत महापुरुषों को आशीर्वाद बाबा ने आशीर्वाद दिया है हमारा यह लेख इस बिंदु पर केंद्रित है समय-समय पर महाकाल बाबा ने महापुरुषों को दिशा निर्देश दिया गया है जो द्वापर के भगवान श्री कृष्ण के कार्यकाल में से लेकर वर्तमान के कार्यकाल तक मिलता है और हमें इन महापुरुषों के विचारों को अपनाकर बढ़ाना चाहिए तथा ऐसे ही उल्लेख मिलता है कि भगवान महावीर एवं भगवान गौतम बुद्ध से भी महावतारबाबा की मुलाकात हुई है |

यह मुख्य प्रमाणिक घटना लगभग 3500 बीसी के है इसके प्रमाण मिल चुके हैं
तथा भगवान श्री कृष्ण के जन्म के भी प्रमाण मिल चुके हैं द्वापर कल में उनका जन्म 18 जुलाई 3228बीसी बुधवार को मथुरा के कारागार में १२बजे रात्रि को हुआ था आज हमें उन महापुरुषों के मार्ग पर चलकर राष्ट्र को समाज को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है
तथा जिन लोगों का जन्म दिवस 25 दिसंबर को पढ़ रहा है उनको मैं हार्दिक बधाई देता हूं और उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रेरणा लेने हेतु आम जनमानस से अपील करता हूं तथा देश के प्रधानमंत्री जी का प्रेरणा पार्क के उद्घाटन के अवसर पर आने के लिए हार्दिक बधाई देता हूं
जय हिंद जय भारत जय सनातनधर्म




