अयोध्या धामउत्तर प्रदेश

प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, उसे केवल अवसर और विश्वास की आवश्यकता होती है : राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल           

प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, उसे केवल अवसर और विश्वास की आवश्यकता होती है : राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल
अयोध्या धाम
प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने आज जनपद अयोध्या स्थित श्री गणपति सच्चिदानन्द आश्रम की 104वीं शाखा का वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य यज्ञ में आहुति देकर विधिवत शुभारम्भ किया तथा तत्पश्चात मंचासीन रामदरबार की प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक दर्शन-पूजन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि पूज्य स्वामी श्री गणपति सच्चिदानंद स्वामी जी द्वारा स्थापित यह आध्यात्मिक एवं सामाजिक पीठ भगवान दत्तात्रेय के दिव्य सिद्धांतों पर आधारित होकर आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ मानव सेवा, करुणा, संवेदना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त केंद्र है। अयोध्या जैसी पावन भूमि पर इस सेवा इकाई की स्थापना न केवल ऐतिहासिक और प्रेरणादायी है, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा, ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। स्वामी जी का मानव सेवा, प्रकृति संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पण अनुकरणीय है और अवधूत दत्त पीठम द्वारा इन क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक प्रभाव आज देशभर में परिलक्षित हो रहा है, जिसमें अयोध्या भी इस पुण्य यात्रा की साक्षी बन रही है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या, जो सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक ऊर्जा और लोकमंगल की त्रिवेणी है, आज सामाजिक उत्थान के एक नए और प्रेरक अध्याय की साक्षी बन रही है। उन्होेंने बताया कि राजभवन की प्रेरक पहल से जनपद अयोध्या में लोककल्याण से जुड़े अनेक दूरगामी, परिवर्तनकारी और प्रभावशाली कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
राज्यपाल जी ने कहा कि मातृशक्ति और बालशक्ति के सशक्तीकरण को केंद्र में रखते हुए राजभवन की पहल से जनपद अयोध्या में अब तक लगभग 2400 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया जा चुका है, जिससे जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्र पूर्णतः संतृप्त हो गए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अयोध्या धाम क्षेत्र में पूर्व में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित नहीं था, किंतु इस सामाजिक रिक्तता को अवसर में परिवर्तित करते हुए उनकी पहल पर अयोध्या धाम में 70 नवसृजित आंगनबाड़ी केंद्रों का सृजन किया गया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह जैसे शैक्षणिक अवसरों पर सेवा और शिक्षा का समन्वय प्रस्तुत करते हुए आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया गया, साथ ही जनपद अयोध्या में 144 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र, 338 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गैस कनेक्शन तथा 333 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए आवश्यक बर्तनों का वितरण सुनिश्चित किया गया। प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा-संपन्न बनाने के उद्देश्य से अब तक 1 अरब 50 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की लागत से 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया जा चुका है।
राज्यपाल जी ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालय राजभवन के बच्चों तथा भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर उन्मुख बच्चों को अयोध्या का शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण कराया गया। इन बच्चों ने मात्र एक माह के अल्पकालिक प्रशिक्षण के पश्चात राज्य की गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता करते हुए बैंड प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, उसे केवल अवसर और विश्वास की आवश्यकता होती है।
उन्होंने बताया कि राजभवन में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से गरीब एवं झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को प्राथमिक विद्यालय राजभवन में प्रवेश दिलाया गया तथा उनके लिए विद्यालय बस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। प्राथमिक विद्यालय राजभवन, जहां पूर्व में केवल कक्षा 8 तक शिक्षा दी जाती थी, अब उसे विस्तारित कर कक्षा 12 तक कर दिया गया है। विद्यालय को हरित भवन के रूप में विकसित करते हुए स्मार्ट क्लास, स्मार्ट लैब, रोबोटिक एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण तथा विविध सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा गया है, जिससे आज वही बच्चे आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर रहे हैं और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने का साहस कर पा रहे हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि हाल ही में भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर उन्मुख 500 बच्चों के मध्य राजभवन में खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके साथ ही राजभवन में आयोजित परंपरागत खेल महोत्सव में इन बच्चों की सक्रिय सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि जब बच्चों को अवसर और विश्वास मिलता है, तो उनके जीवन की दिशा सकारात्मक रूप से परिवर्तित हो जाती है।
उन्होंने कहा कि राजभवन उत्तर प्रदेश की पहल पर विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की जा रही है, जहां शिक्षा अब केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए ज्ञान के नए द्वार खुल रहे हैं। यह प्रयास शिक्षा में समानता और समावेशन के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि राजभवन उत्तर प्रदेश की पहल से प्रदेशभर में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से 40 हजार से अधिक बेटियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह टीकाकरण कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं तथा पुलिस कर्मियों की बेटियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है।
साथ ही उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा उत्तर एवं दक्षिण भारत के संतुलित विकास तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। राज्यपाल जी ने सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर परम पूज्य संस्थापक एवं पीठाधिपति, अवधूत दत्त पीठम, मैसूर परम पूज्य गणपति सच्चिदानंद स्वामी , उत्तराधिकारी, अवधूत दत्त पीठम, दत्त विजयानंद तीर्थ स्वामी, आमंत्रित संत समाज, गणमान्य अतिथिगण, मण्डलायुक्त  राजेश कुमार, आईजी प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, सहित अन्य महानुभाव उपस्थित रहे ।

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