अयोध्याउत्तर प्रदेश
साकेत महाविद्यालय के शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर 18 नवंबर को लखनऊ में देंगे धरना

साकेत महाविद्यालय के शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर 18 नवंबर को लखनऊ में देंगे धरना
अयोध्या
फुपुक्टा के आह्वान तथा आक्टा के दिशा-निर्देश पर 30 सूत्रीय मांगों को लेकर का. सु. साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या के शिक्षकों द्वारा पिछले चार दिनों से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। गुरुवार को धरने के अन्तिम दिन साकेत महाविद्यालय के शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ढोढे राम पीजी कॉलेज के प्राध्यापक तथा राजा मोहन गर्ल्स मनूचा डिग्री कॉलेज की प्राध्यापिकाएं भी धरने में शामिल हुईं।
धरने को सम्बोधित करते हुए फुपुक्टा के संयुक्त मंत्री डॉ. रवि कुमार चौरसिया ने शिक्षकों की मांगों को जायज बताते हुए उनके संघर्ष को निरन्तर जारी रखने की बात कही। आक्टा अध्यक्ष डॉ. जनमेजय तिवारी ने कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रति संवेदनहीन हो गई है। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

फुपुक्टा के महामंत्री प्रो. अमूल्य कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों को आज जो भी सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, वे पूर्व के शिक्षक संगठनों के संघर्ष का परिणाम हैं। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रो. विनय कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार शिक्षकों की मांगों को नहीं मानती है तो उसे वर्ष 2027 में इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
डॉ. वेद प्रकाश बेदी ने कहा कि शिक्षकों की अधिकांश मांगें केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पहले से ही लागू हैं। अतः सरकार को इन मांगों को शीघ्र स्वीकार करना चाहिए। प्रो. अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षकों का अनुभव शिक्षण कार्य में अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है, इसलिए शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जानी चाहिए। डॉ. कनक बिहारी पाठक ने कहा कि शिक्षक सरकार के साथ हैं, इसलिए सरकार को भी शिक्षकों की सभी मांगों को स्वीकार करना चाहिए।
इस अवसर पर महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. आशीष प्रताप सिंह ने सभी शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 18 नवंबर को लखनऊ में आयोजित धरने में सभी शिक्षक शामिल होंगे। उन्होंने शिक्षकों से आगामी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. संत लाल ने किया।
धरने में शिक्षक संघ के संरक्षक प्रो. मनोज कुमार छापड़िया, प्रो. अशोक कुमार मिश्र, प्रो. विनय कुमार सिंह, डॉ. रमेश प्रताप सिंह, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. सतीश कुमार वर्मा, डॉ. अशोक कुमार वर्मा, डॉ. कनक बिहारी पाठक, डॉ. रामलाल विश्वकर्मा, प्रो. कविता सिंह सहित अनेक प्राध्यापकों ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रो. अनिल कुमार सिंह, प्रो. ओ.पी. यादव, प्रो. एफ.डी. यादव, प्रो. शिवकुमार त्रिपाठी, प्रो. अनुराग मिश्र, प्रो. उपमा वर्मा, प्रो. वंदना जायसवाल, प्रो. कविता सिंह, प्रो. शिखा वर्मा, प्रो. रचना सिन्हा, प्रोफेसर आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. सरला शुक्ला, डॉ. अनुपमा सिंह, डॉ. अंजू, डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. अनामिका माथुर, डॉ. बुशरा खातून, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. संतोष सरोज, डॉ. कृष्ण कुमार पाल, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. मुजफ्फर मेहंदी, डॉ. गौरव मिश्रा, डॉ. अनूप कुमार पाण्डेय, डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ. अमित कुमार पाण्डेय, प्रो. एन.डी. पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी प्रोफेसर आशुतोष त्रिपाठी ने दी।




