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अयोध्याउत्तर प्रदेश

देश को बचाने के लिए मोदी और धर्म को बचाने के लिए बुद्ध चाहिए : उत्तराधिकारी जगतगुरू परमहंशाचार्य 

 देश को बचाने के लिए मोदी और धर्म को बचाने के लिए बुद्ध चाहिए : उत्तराधिकारी जगतगुरू परमहंशाचार्य
अयोध्या धाम
धर्म नगरी अयोध्या में जगतगुरु परमहंस आचार्य के उत्तराधिकारी ने पाखंड, अंधविश्वास और धार्मिक आडंबर के खिलाफ बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को बाहरी शक्तियों से नहीं बल्कि धर्म के नाम पर फैल रहे पाखंड और दिखावे से खतरा है। उन्होंने विशेष रूप से “पर्ची बनाना”, “धागा देना” और “नींबू घुमाने” जैसी गतिविधियों को अंधविश्वास बताते हुए इन्हें समाज के लिए घातक बताया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत सुरक्षित हाथों में है और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश विश्व स्तर पर मजबूत हुआ है। आज किसी भी देश की हिम्मत नहीं कि भारत की ओर टेढ़ी नजर से देख सके। यह सब देशवासियों द्वारा 2014 में लिए गए निर्णय का परिणाम है, जब जनता ने मजबूत नेतृत्व को चुना।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के बाद धर्म के नाम पर पाखंड और अंधविश्वास तेजी से बढ़ा है। धर्म को खतरा बाहरी ताकतों से नहीं बल्कि उन्हीं लोगों से है जो सनातन के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म को बचाने के लिए बुद्ध के विचारों को अपनाना होगा।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “देश को बचाने के लिए मोदी चाहिए और धर्म को बचाने के लिए बुद्ध चाहिए।” उन्होंने भगवान बुद्ध को सनातन परंपरा का अवतार बताते हुए कहा कि बुद्ध ने समाज को आंतरिक अध्यात्म और सत्य का मार्ग दिखाया। धर्म बाहर के दिखावे में नहीं बल्कि मनुष्य के भीतर होता है और अध्यात्म आत्मचिंतन से प्राप्त होता है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार से भी बड़ी मांग करते हुए कहा कि दोनों राज्यों में जल्द से जल्द “अंधश्रद्धा उन्मूलन कानून” लागू किया जाए, ताकि धर्म के नाम पर फैल रहे अंधविश्वास, ठगी और पाखंड पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे कानून से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और सनातन धर्म को सही दिशा मिलेगी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए पाखंड और अंधविश्वास को समाप्त करना होगा तथा बुद्ध के विचारों और सच्चे अध्यात्म की ओर लौटना होगा।

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