अयोध्याउत्तर प्रदेश
सफेद कोट के पीछे का काला सच : निजी अस्पतालों के ‘हेल्थकेयर स्कैम’ और आयुष्मान की लूट

सफेद कोट के पीछे का काला सच : निजी अस्पतालों के ‘हेल्थकेयर स्कैम’ और आयुष्मान की लूट
अयोध्या
आज के दौर में चिकित्सा को ‘भगवान का रूप’ माना जाता है, लेकिन दुर्भाग्यवश, आधुनिकता की चकाचौंध और बड़े-बड़े कई निजी अस्पताल सेवा के संकल्प को भूलकर केवल मुनाफे की मशीन बन चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे खेल का शिकार गरीब, मध्यम वर्ग और अनपढ़ लोग सबसे अधिक बन रहे हैं।
आज स्थिति यह है कि मरीज बीमारी से कम और अस्पताल के बिल से ज्यादा डरने लगा है। भारत में निजी अस्पतालों का विस्तार तेजी से हुआ है, लेकिन उसके साथ पारदर्शिता और जवाबदेही उतनी मजबूत नहीं हो पाई। कई मामलों में देखा गया है कि अस्पताल मरीज की वास्तविक जरूरत से अधिक टेस्ट, दवाइयां, इंजेक्शन, ICU, ऑपरेशन या भर्ती दिखाकर लाखों रुपये का बिल बना देते हैं। सामान्य बुखार को “गंभीर संक्रमण”, सामान्य डिलीवरी को “इमरजेंसी ऑपरेशन” और छोटी बीमारी को “बड़ी सर्जरी” बताकर लोगों को भयभीत किया जाता है।
सफेद कोट पहनकर समाज का खून चूसने वाले इन संस्थानों के खिलाफ आवाज उठाना आज समय की सबसे बड़ी मांग है।




