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उत्तर प्रदेश की सरकार एस आई टी की रिपोर्ट पर भरोसा करके करोड़ों हिंदुओं के साथ विश्वासघात किया: मनीष पांडेय राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू महासभा

उत्तर प्रदेश की सरकार एस आई टी की रिपोर्ट पर भरोसा करके करोड़ों हिंदुओं के साथ विश्वासघात किया: मनीष पांडेय राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू महासभा
अयोध्या धाम
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडे ने एसआईटी रिपोर्ट में चंपारण डॉक्टर अनिल मिश्रा समेत अन्य लोगों को क्लीन चित्र दिए जाने का भारी विरोध किया है, श्री पांडेय ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की सरकार दूध का दूध पानी का पानी करने का जो दावा कर रही थी अगर उसके इस कथन के बावजूद भी चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी जाती है तो यह करोड़ों हिंदुओं के साथ विश्वास घात होगा, श्री पांडेय ने यह भी कहा है किरामधन गबन के पश्चात जब यह सूचना आम जनमानस में फैली तो ना सिर्फ उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा बल्कि चढ़ावा चोरी के वास्तविक दोषियों एवं उनके चाटुकारों द्वारा अलग-अलग ढंग से  रामधन गबन के पश्चात हुए डैमेज कंट्रोल को संभालने के लिए न सिर्फ अलग-अलग वक्तव्य जारी किए गए बल्कि उनके पक्ष में लॉबिंग भी चलाई गई, उत्तर प्रदेश की सरकार ने तत्काल एस आई टी का गठन यह कहते हुए किया कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा प्रतीक्षा कीजिए , श्री पांडेय ने आगे कहा कि मेरे द्वारा प्रारंभ से ही इस एस आई टी के गठन का विरोध किया गया था यह कहते हुए कि जिस एस आई टी के प्रमुख विजय विश्वास पंत खुद आईपीसी की धारा 465 और 420  के आरोपी हों अभियुक्त हो, बाकायदा उनके विरुद्ध एफआईआर हो,उनसे भला यह कैसे उम्मीद की जा सकती है कि उन्होंने असली चढ़ावा चोरों के विरुद्ध एक सच्ची रिपोर्ट प्रस्तुत की होगी, एस आई टी की रिपोर्ट लीक हुई, और उसमें स्पष्ट रूप से चंपत राय ,डॉक्टर अनिल मिश्रा ,गोपाल राव, और गिरी जी महाराज अर्थात कोषाध्यक्ष को क्लीन चिट दे दी गई, मैंने तत्काल प्रभाव से एक पत्र सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी को पत्र लिखकर सारी वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए एक पत्र लिखा था, इसके पश्चात एक पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी लिखा की जांच करने वाला ही जब खुद अपराधी है तो उसे भला आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वह पूरी जांच को निष्पक्ष करेगा? उत्तर प्रदेश की सरकार ने तो नहीं किंतु सुप्रीम कोर्ट के केआदेश पर एक दूसरी एसआईटी गठित करने का कार्य किया गया दूसरी एस आई टी की रिपोर्ट भी पहले वाली सीट की रिपोर्ट से अलग होगी ऐसा सूचना भी मूर्खता होगी, श्री पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से मेरी मांग आज भी यही है कि सर्वप्रथम एसआईटी को भंग करें, और इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीशों से करवाई जाए तथा तत्काल प्रभाव से चंपत राय, डॉ अनिल मिश्रा, गोपाल राव ,और गोविंद गिरी जी महाराज कोषाध्यक्ष के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाए, और हां अगर उत्तर प्रदेश की सरकार एस आई टी की रिपोर्ट पर भरोसा करके दूध का दूध और पानी का पानी करने का दुवास्वप्न देख रहे हैं, तो यह करोड़ों हिंदुओं के साथ मात्र विश्वास घात ही होगा |

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