अयोध्याउत्तर प्रदेश
सनातन धर्म का अपमान एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग विरोधियों के पतन का कारण : सिद्धार्थ श्रीवास्तव

सनातन धर्म का अपमान एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग विरोधियों के पतन का कारण : सिद्धार्थ श्रीवास्तव
अयोध्या धाम
हाल के दिनों में जिस प्रकार की घटनाएं विरोधी राजनैतिक पार्टियों के द्वारा की जा रही हैं उसे यह साबित हो गया है कि विपक्ष को सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है उनके लिए हिंदुत्व एवं सनातन सिर्फ राजनीतिक हथकंडे का एक माध्यम है , भाजपा मंडल मंत्री अयोध्या सिद्धार्थ श्रीवास्तव जी ने कहा कि हाल के दिनों में जिस प्रकार से युवाओं को बरगलाने का कार्य विपक्ष के द्वारा किया गया एवं शाब्दिक मर्यादा को ताक पर रखकर माननीय प्रधानमंत्री जी एवं उनके स्वर्गीय माता जी के लिए जिस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया वह भारतीय संस्कृति के संस्कार एवं विचारों की प्रतिकूल है। भारतीय परम्परा में मतभेद स्वीकार्य हैं, किन्तु मनभेद नहीं; विचारों का प्रतिवाद स्वीकार्य है, किन्तु व्यक्तियों का अपमान कभी स्वीकार्य नहीं रहा। किसी भी मतभेद, वैचारिक संघर्ष अथवा राजनीतिक असहमति का समाधान कभी भी अपशब्दों से नहीं हो सकता। ऐसी भाषा न लोकतंत्र की मर्यादा है और न ही भारत की आत्मा है संपूर्ण संत समाज और आध्यात्मिक जगत एवं समस्त हिंदू जनमानस ऐसे अमर्यादित शब्दों से अत्यंत आहत है , इस प्रकार की भाषा ही पूरी विपक्ष के समूल नाश का कारण बनेगी एवं आने वाले चुनाव में विपक्ष अपने कुकृत्य के द्वारा ही बेनकाब होकर एक बड़ी पराजय झेलने को तैयार रहे।




