अयोध्याउत्तर प्रदेश
तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी का विपक्ष पर बड़ा हमला कहा “2014 से सत्ता खोने की हताशा में रची जा रही साजिश

तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी का विपक्ष पर बड़ा हमला कहा “2014 से सत्ता खोने की हताशा में रची जा रही साजिश
अयोध्या धाम
अयोध्या नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अयोध्या की प्रसिद्ध तपस्वी छावनी से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य के उत्तराधिकारी महर्षि महंत एकनाथ महाराज ने इस आंदोलन को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और ‘प्रायोजित’ करार दिया है।
महंत एकनाथ महाराज ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हो रहा प्रदर्शन जनहित में न होकर विपक्ष की हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा, “2014 से लगातार सत्ता से बाहर रहने के कारण विपक्ष के पैरों तले जमीन खिसक चुकी है। सत्ता में वापसी की छटपटाहट में छोटे-छोटे मुद्दों को तूल देकर देश में भ्रम का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।” “NEET पेपर लीक पर विपक्ष का दोहरा रवैया”

आंदोलन के मुद्दों पर सवाल उठाते हुए महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि जब राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें थीं, तब भी NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती थीं। आज एक छोटे विषय को बवंडर का रूप देकर सरकार को घेरने की नाकाम कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब पूरी तरह से ‘हाथबल’ (लाचार) हो चुका है और उसे डर सता रहा है कि यदि अगले पांच साल भी सरकार न मिली, तो उसका राजनीतिक अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
### **”140 करोड़ का देश, कुछ लाख लोगों का प्रदर्शन देश का फैसला नहीं”**
जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 140 करोड़ देशवासियों का प्रतिनिधित्व करता है। कुछ लाख लोगों के सड़कों पर उतर आने से देश की भावना नहीं बदल जाती। उन्होंने कहा कि सरकार के जनकल्याणकारी और देशहित में किए गए कार्यों की अनदेखी कर सिर्फ विरोध के लिए विरोध करना लोकतंत्र के हित में नहीं है।
वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ा मान
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आज जब मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के बीच भीषण युद्ध का माहौल है और मिसाइलें चल रही हैं, तब भी किसी देश की हिम्मत नहीं है कि वह भारत की तरफ आंख उठाकर देख सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को एक मजबूत और लोकप्रिय सरकार मिली है।
उन्होंने आगे कहा, “आज भारत का नागरिक चाहे वह किसी भी धर्म का हो, जब विदेश जाता है तो उसे विशेष सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है। यहां तक कि विदेश में भारतीय मुसलमान भी गर्व से अपनी पहचान बताते हैं, क्योंकि आज भारत के पासपोर्ट का वजन पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।”
“संविधान से चलता है देश, हिंसक आंदोलन बर्दाश्त नहीं”
महंत एकनाथ महाराज ने स्पष्ट किया कि भारत किसी धर्मग्रंथ से नहीं, बल्कि संविधान से संचालित होता है। लोकतंत्र में आंदोलन करने का अधिकार संविधान ने दिया है, लेकिन जब आंदोलन हिंसक रूप ले लेता है या उसमें से पारदर्शिता खत्म हो जाती है, तो लोकतंत्र की मर्यादा टूटती है। उन्होंने कहा कि देश इस समय पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है और वह इस प्रायोजित आंदोलन का कड़ा विरोध व निषेध करते हैं।




