अयोध्याउत्तर प्रदेशधर्म
श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ श्रीरामकथा-2026 का भव्य समापन
सात दिनों तक गूंजा प्रभु श्रीराम का गुणगान, गुजरात से पहुंचे 800 श्रद्धालुओं ने लिया कथा का रस

श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ श्रीरामकथा-2026 का भव्य समापन
सात दिनों तक गूंजा प्रभु श्रीराम का गुणगान, गुजरात से पहुंचे 800 श्रद्धालुओं ने लिया कथा का रस
अयोध्या धाम
रामनगरी अयोध्या धाम में 29 सितंबर से चल रही श्रीरामकथा-2026 का बुधवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ भव्य समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में गुजरात सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। अंतिम दिन श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा कथा स्थल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
आयोजन में करीब 800 श्रद्धालुओं ने सातों दिन कथा का श्रवण किया। इनमें बड़ी संख्या 70 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की रही। गुजरात से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा के साथ अयोध्या धाम के मंदिरों में दर्शन, संतों का आशीर्वाद और सरयू स्नान भी किया।
राज्याभिषेक के साथ हुआ कथा का समापन
अंतिम दिन व्यासपीठ से पूज्य श्री राजेंद्रप्रसाद शास्त्रीजी ने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का भावपूर्ण एवं संगीतमय वर्णन किया। राज्याभिषेक का प्रसंग आते ही श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। कथा के समापन पर सभी 800 श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम को बार-बार धन्यवाद दिया और परिवार, समाज एवं देश पर भगवान की कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
साधु-संतों और विधायक ने भी की सहभागिता
श्रीरामकथा के दौरान अयोध्या के तमाम साधु-संतों और श्रीमहंतों ने सहभागिता की। अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी कथा में शामिल हुए और भगवान श्रीराम की कथा का श्रवण कर संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया।
1975 से धार्मिक कार्य कर रही समिति
आयोजकों ने बताया कि श्री तुलसी सेवा मंडल, कुकड़वाड़ा वर्ष 1975 से लगातार धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन कर रहा है। अयोध्या धाम में आयोजित श्रीरामकथा-2026 समिति का 52वां धार्मिक कार्यक्रम था। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से जोड़ना रहा।
गुजरात से पहुंचे श्रद्धालुओं ने लिया संतों का आशीर्वाद
सात दिनों तक गुजरात से आए श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण के साथ अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन किया। श्रद्धालुओं ने संतों से आशीर्वाद लिया और सरयू में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। कथा के दौरान प्रतिदिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।
आयोजन के निमंत्रण पत्र के अनुसार अ.नि. पालीबेन मंगलदास मोतीदास पटेल को श्रीरामकथा का यजमान बताया गया था, जबकि कवि कमल आयोजन के निमंत्रक रहे। कार्यक्रम श्री तुलसी सेवा मंडल, कुकड़वाड़ा की ओर से आयोजित किया गया।
सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक, जयकारों और श्रद्धालुओं की भावपूर्ण प्रार्थनाओं के साथ हुआ।




