अयोध्याउत्तर प्रदेश

राज्य ललित कला अकादमी द्वारा सागर कला भवन अयोध्या में हो रहा है विविध कला कार्यशाला

राज्य ललित कला अकादमी द्वारा सागर कला भवन अयोध्या में हो रहा है विविध कला कार्यशाला
अयोध्या
राज्य ललित कला अकादमी उ. प्र. ( संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन ) तथा स्वदेश संस्थान, सागर कला भवन अयोध्या के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन विविध कला कार्यशाला आयोजन हो रहा है। जिसमें संस्था अध्यक्ष एस बी सागर प्रजापति के संयोजन में प्रशिक्षक चित्रकार इमरान खान, मूर्तिकार प्रवीण कुमार एवं दृश्य कलाकार वीरेन्द्र कुमार द्वारा विविध कला जैसे चित्रकला, मूर्तिकला, क्रॉफ्ट, लोक कला, माटी कला, डिजाइन, कैलीग्राफी, आउटडोर लैंड स्केप आदि का प्रशिक्षण देकर उन्हें कला के क्षेत्र में कैरियर बनाने हेतु तैयार किया जा रहा है तथा इस ग्रीष्म काल के अवकाश का सदुपयोग करके छात्र छात्राओं के अभिरुचि कला कौशल एवं संतुलित सही दिशा में मानसिक विकास सहायक सिद्ध हो रहा है। कार्यशाला में निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र द्वारा किया जाएगा तथा इन्हीं के करकमलों द्वारा सभी प्रतिभागियों को राज्य ललित कला अकादमी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
     कार्यशाला में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कला साधकों में मुख्य रूप से अंशिका मौर्या, विक्रान्त मौर्या, अंशु पाण्डेय, मदन आर्य, अक्षत सिंह, नैन्सी सोनी, अनवी, शिक्षा, विराज, आलोक प्रजापति, राधिका प्रजापति, आयुषी यादव, आयुषी श्रीवास्तव, लाडो प्रजापति, कनिका, आरुष प्रजापति, विक्रान्त मौर्या, अंशु पाण्डेय, मदन आर्य, गायत्री पटवा, प्रज्ञा गुप्ता, खुशबू वर्मा, अवंतिका, राजेश कुमार सहित 50 कला साधक प्रतिभाग कर रहे हैं।
 एस. बी. सागर प्रजापति ने कार्यशाला के बारे में बताया कि विविध कला कार्यशाला में बेसिक ड्राइंग एण्ड शेडिंग फंडामेंटल, स्टिल लाइफ़,  स्थिर जीवन चित्रण, एनाटॉमी,  पोट्रेट, मेंहदी, मेमोरी ड्राइंग, डिजाइन, आलेखन, मूर्तिकला, क्रॉफ्ट एण्ड कोलाज़, 21 जून को विश्व योगा दिवस पर गुलाब बाड़ी में योगा एवं आउटडोर लैंड स्केप पेंटिंग, कैलीग्राफी व अन्य कलाएं, लोक कला, रंगोली आदि विषयों पर कार्यशाला चलेगी। संबंधित कलाकृतियों का प्रशिक्षण छात्र छात्राओं की अभिरुचि के अनुसार दिया जा रहा है। छात्र छात्राओं के अभिरुचि के अनुसार नित्य नए तकनीक व शैलियों में कला की अभिरुचि को जाग्रत करने, दृश्यकला के प्रति युवाओं को प्रेरित करने व कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा नवोदित कला साधक अपने कला रंग का जलवा बिखेरेंगे। जिससे भविष्य में युवा कला क्षेत्र में अपना भविष्य / कैरियर चुनने एवं कला व संस्कृति के उत्थान व विकास में योगदान दे सकें।

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