अयोध्याउत्तर प्रदेश

अयोध्या के अम्मा जी मंदिर में विराजमान हैं दुर्लभ और प्राचीन देव प्रतिमाएं

अयोध्या के अम्मा जी मंदिर में विराजमान हैं दुर्लभ और प्राचीन देव प्रतिमाएं
अयोध्या धाम
अयोध्या के प्राचीन गोलाघाट क्षेत्र में स्थित अम्मा जी मंदिर अपनी आध्यात्मिक गरिमा, प्राचीन स्थापत्य और दुर्लभ देव प्रतिमाओं के कारण श्रद्धालुओं व शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। दक्षिण भारतीय वैष्णव परंपरा से जुड़े इस मंदिर की स्थापना एक महान संत महिला, जिन्हें श्रद्धापूर्वक ‘अम्मा जी’ कहा जाता है, द्वारा कराई गई थी। तब से यह मंदिर भक्ति, साधना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
मंदिर की वास्तुकला में उत्तर और दक्षिण भारतीय शैली का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। नक्काशीदार स्तंभ, अलंकृत मंडप, ऊंचा शिखर तथा कलात्मक गर्भगृह इसकी स्थापत्य भव्यता को विशिष्ट पहचान देते हैं। मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान तथा भगवान विष्णु के विविध स्वरूपों सहित अनेक दुर्लभ एवं प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। इन प्रतिमाओं की शिल्पकला, भावाभिव्यक्ति और सूक्ष्म नक्काशी भारतीय मूर्तिकला की समृद्ध परंपरा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती है।
सरयू तट के निकट स्थित यह मंदिर केवल दर्शन का स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति, सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का जीवंत प्रतीक है। अम्मा जी मंदिर आज भी अयोध्या की धार्मिक पहचान को समृद्ध करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और संस्कृति से जोड़ने का कार्य निरंतर कर रहा है।

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