अयोध्याउत्तर प्रदेश
प्रीपेड स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है : एडवोकेट रामनाथ शर्मा

प्रीपेड स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है : एडवोकेट रामनाथ शर्मा
अयोध्या
स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर बढ़ते विरोध के बीच कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ, फैजाबाद के पदाधिकारियों ने ऊर्जा मंत्री प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी अयोध्या के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की गई है। कांग्रेस प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष/चेयरमैन (एडवोकेट) रामनाथ शर्मा ने कहा कि अयोध्या क्षेत्र में बिना पर्याप्त जानकारी दिए उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को मीटर की कार्यप्रणाली और इसके प्रभाव के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही, बल्कि कई स्थानों पर दबाव बनाकर मीटर लगवाए जाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को यह भी डराया गया कि यदि स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया गया तो अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा या जबरन मीटर बदल दिया जाएगा, जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं ने मजबूरी में मीटर लगवा लिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो रही है, खासकर भीषण गर्मी के दौरान, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को प्रीपेड बैलेंस और वास्तविक खपत के बीच संबंध भी स्पष्ट नहीं है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसी क्रम में जिले के स्थानीय नागरिकों ने भी प्रीपेड मीटर व्यवस्था के विरोध में ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम लोग समय पर रिचार्ज कर लेते हैं, लेकिन जिनके पास तत्काल भुगतान की सुविधा नहीं होती, वे बिजली से वंचित हो जाते हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कई बार मीटर की गड़बड़ी के कारण बिल अधिक दिखाया जाता है, जिसे शिकायत के बाद कम किया जाता है। साथ ही, भीषण गर्मी में बिजली कटौती से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है l प्रकोष्ठ और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दी जाए और अनावश्यक रूप से परेशान किए जा रहे उपभोक्ताओं को तत्काल राहत प्रदान की जाए। साथ ही मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की गई है। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त किया जाए या पुराने मीटर बहाल किए जाएं। उपभोक्ताओं के घरों की अनावश्यक बिजली कटौती बंद की जाए। सभी उपभोक्ताओं के बिजली बिल पोस्टपेड प्रणाली के तहत किए जाएं।




