अयोध्याउत्तर प्रदेश
माधोगढ़िया परिवार द्वारा आयोजित इस विशाल धार्मिक आयोजन में कोलकाता से पहुँचे सैकड़ोभक्त

माधोगढ़िया परिवार द्वारा आयोजित इस विशाल धार्मिक आयोजन में कोलकाता से पहुँचे सैकड़ोभक्त
अयोध्या धाम
रामनगरी अयोध्या में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के दौरान उस समय श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे जब चंपत राय कथा स्थल पर पहुंचे और उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संघर्षों का इतिहास श्रद्धालुओं के सामने रखा।
माधोगढ़िया परिवार द्वारा आयोजित इस विशाल धार्मिक आयोजन में कोलकाता सहित देश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। कथा के दौरान भक्तों ने रामनगरी के दिव्य और भव्य स्वरूप की जमकर सराहना की। श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से श्री राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी मंदिर और सरयू तट की आध्यात्मिक भव्यता को अविस्मरणीय बताया।
अपने संबोधन में चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर केवल एक मंदिर निर्माण का विषय नहीं था, बल्कि यह सदियों के संघर्ष, आस्था और जनजागरण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1984 में विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल ने इस विषय का गहन अध्ययन किया और तय किया गया कि जनजागरण के माध्यम से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर आज भव्य राम मंदिर खड़ा है, वहां पहले एक विवादित ढांचा था, लेकिन देश की आजादी के बाद वर्ष 1949 में वहां रामलला की प्रतिमा स्थापित हो गई थी। इसके बाद श्रद्धालुओं का लगातार वहां आना-जाना और दर्शन-पूजन चलता रहा। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां लोहे की सलाखें और बैरिकेडिंग लगवाई, जिसके बाहर से श्रद्धालु दर्शन करते थे।
चंपत राय ने कहा कि वर्षों तक चले जनआंदोलन और जागरण के बाद 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिरा दिया गया, जिसके बाद राम मंदिर आंदोलन ने निर्णायक मोड़ लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था और समर्पण का प्रतीक था।
कथा आयोजन के दौरान माधोगढ़िया परिवार ने कहा कि अयोध्या आज आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का केंद्र बन चुकी है। यहां का विकास, स्वच्छता, भव्य मंदिरों की श्रृंखला और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं पूरे देश के लिए आकर्षण का विषय हैं।
श्रीराम कथा में भक्ति, इतिहास और राम मंदिर आंदोलन की गाथा सुन श्रद्धालु भावुक दिखाई दिए। पूरा कथा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामचंद्र माधोगढ़िया, पवन माधोगढ़िया, सुनील माधोगढ़िया, प्रमोद माधोगढ़िया, पंकज माधोगढ़िया, पुनीत माधोगढ़िया, आनंद माधोगढ़िया, अमित माधोगढ़िया, आशीष माधोगढ़िया, शिवम माधोगढ़िया, आकाश माधोगढ़िया, निर्मल सराफ, रमेश सोंथालिया, मनमोहन केडिया, संजय केडिया, मंजू माधोगढ़िया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आयोजक उपस्थित रहे।




