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भगवान श्रीकृष्ण बहुत सरल हैं, प्रेम से पुकारने पर भक्तों के बीच चले आते हैं’ — दाधीच महाराज

‘भगवान श्रीकृष्ण बहुत सरल हैं, प्रेम से पुकारने पर भक्तों के बीच चले आते हैं’ — दाधीच महाराज
नागपुर
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनकी सरलता का वर्णन करते हुए भागवत भास्कर गोपाल दाधीच महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण तक पहुंचने के लिए दिखावे की नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और भक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण इतने सरल हैं कि भक्त जिस भाव से उन्हें पुकारता है, भगवान उसी भाव से उसके करीब चले आते हैं।
नागपुर के कोटन मार्केट स्थित श्री गीता मंदिर में केसरवानी महिला मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथा का श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ श्रवण कर रहे हैं। कथा के दौरान दाधीच महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन करते हुए कहा कि गोपिकाओं के द्वार पर खड़े होकर भगवान स्वयं माखन मांगते थे।
गोपियों के प्रेम में बंधे भगवान
दाधीच महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के प्रेम प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान को पाने के लिए निष्कपट प्रेम सबसे महत्वपूर्ण है। गोपिकाओं के मना करने के बाद भी भगवान उनसे कहते हैं कि उन्हें थोड़ा-सा ही माखन दे दें। भगवान की यही बाल सुलभ सरलता उनके चरित्र को भक्तों के हृदय के बेहद करीब ले आती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, सरलता और भक्ति का संदेश देता है। भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसके संदेश को अपने जीवन में उतारने का माध्यम है।
बाल लीला ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का ऐसा भावपूर्ण वर्णन हुआ कि श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए। दयाशंकर तिवारी एवं एडवोकेट मनुजा तिवारी ने भी भगवान की बाल लीलाओं का आनंद लिया।
शुक्रवार को होगा रुक्मिणी मंगल विवाह उत्सव
आयोजन के क्रम में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का रुक्मिणी मंगल विवाह उत्सव आयोजित किया जाएगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक रखा गया है। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का आध्यात्मिक आनंद लेने का आग्रह किया गया है।
मुख्य यजमान आरती विनोद केसरवानी तथा पूजा लक्ष्मीकांत केसरवानी सहित आयोजन से जुड़े श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। सप्ताहभर चलने वाली कथा के माध्यम से श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेश को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जा रहा है।




