अयोध्याउत्तर प्रदेश
राज्य ललित कला अकादमी द्वारा ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का भव्य शुभारंभ

राज्य ललित कला अकादमी द्वारा ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का भव्य शुभारंभ
अयोध्या
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वदेश संस्थान भारत, सागर कला भवन अयोध्या द्वारा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत कई पौधों को लगाया गया तथा इसके बाद राज्य ललित कला अकादमी उ. प्र. ( संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन ) तथा स्वदेश संस्थान, सागर कला भवन अयोध्या के संयुक्त तत्वावधान में 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन चित्रकला प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री सूर्या तिवारी, पार्षद कल्याण सिंह वार्ड, नगर निगम अयोध्या, विशिष्ट अतिथि श्री रजनीश मिश्रा संचालक श्रीराम ऑडिटोरियम अयोध्या के करकमलों द्वारा हुआ इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष एवं कार्यशाला संयोजक एस. बी. सागर प्रजापति द्वारा अतिथियों के साथ ही प्रतिभा यादव एवं अरुण यादव जी को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र आदि के साथ सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षक इमरान खान, मूर्तिकार प्रवीण कुमार तथा कला साधकों में मुख्य रूप से अंशिका मौर्या, अक्षत सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

एस. बी. सागर प्रजापति ने बताया कि कार्यशाला में विविध कला विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षक द्वारा छात्र छात्राओं के कलात्मक अभिरुचि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा और कार्यशाला के समापन समारोह में हस्त निर्मित कलाकृतियों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी तथा सभी प्रतिभागियों को राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश द्वारा प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। छात्र – छात्राओं में कला की अभिरुचि जाग्रत करने एवं कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा चित्रकला को कैरियर के रूप में प्रयोग करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन प्रत्येक वर्ष जून माह में किया जाता है। जिसमें प्रतिभाग करने हेतु हेल्पलाइन नम्बर 8874478080 पर सम्पर्क करके सागर कला भवन, नाका चुंगी अयोध्या में आकर आवेदन कर सकते हैं। इस कार्यशाला में चित्रकला के साथ ही साथ भित्ति चित्रण, लिप्पन आर्ट, रिलीफ डिजाइन और पेंटिग, मूर्तिकला, मेंहदी डिजाइन, पर्यावरण संरक्षण, मानव जीवन आदि से संबंधित कलाकृतियों का प्रशिक्षण छात्र छात्राओं की अभिरुचि के अनुसार दिया जाएगा । कला के क्षेत्र में सुनहरे भविष्य के लिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो आयु वर्गों 10 से 17 तथा 18 से अधिक आयु तक के छात्र- छात्रायें व नवोदित कला साधक प्रतिभाग कर सकते हैं। अभिरुचि के अनुसार नित्य नए तकनीक व शैलियों में कला की अभिरुचि को जाग्रत करने, दृश्यकला के प्रति युवाओं को प्रेरित करने व कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। नवोदित कला साधक वाटर कलर, ऑयल कलर, क्रेयान या ऑयल पेस्टल, स्याही, पेंसिल स्केच, चारकोल , ग्लास, कांच, पुट्टी आदि माध्यम से मेमोरी ड्राइंग पेन्टिंग, डिजाइन या मेंहदी, स्टिल लाइफ ड्राइंग पेन्टिंग, भित्ति चित्रण, मूर्तिकला, ऑउटडोर पेन्टिंग लैण्ड स्केप, नेचर ड्राइंग पेन्टिंग व पोट्रेट आर्ट वर्क, लोक कला पेन्टिंग, रंगोली आदि बनाकर अपने कला रंग का जलवा बिखेरेंगे। जिससे भविष्य में युवा कला क्षेत्र में अपना भविष्य / कैरियर चुनने एवं कला व संस्कृति के उत्थान व विकास में योगदान दे सकें।




