अयोध्याउत्तर प्रदेशधर्म
संयुक्त परिवार और संस्कारों के संरक्षण पर मंथन, देशभर से जुटे 170 प्रतिनिधि

संयुक्त परिवार और संस्कारों के संरक्षण पर मंथन, देशभर से जुटे 170 प्रतिनिधि
अयोध्या धाम
कुटुम्ब प्रबोधन (समाज, संस्कार, संस्कृति समावेश) विषय पर 16 व 17 मई को आयोजित दो दिवसीय गोष्ठी में उत्तर प्रदेश सहित महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू, बिहार और राजस्थान से आए लगभग 170 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन अयोध्या स्थित अरुन्धती होटल में किया गया, जो 16 मई की प्रातः शुरू होकर 17 मई की दोपहर तक चला।
गोष्ठी का उद्घाटन संत कमल नयन दास जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी क्षेत्र कार्यवाह आदरणीय वीरेन्द्र जायसवाल तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिकुमार जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर वीरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि हिन्दुत्व और सनातन संस्कृति के कारण भारत ने विश्व में अपनी गौरवशाली पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि एक समय भारत की विश्व व्यापार में 40 प्रतिशत सहभागिता थी। समाज को जातिवाद से ऊपर उठकर एकजुट होने तथा संयुक्त परिवार व्यवस्था को पुनः सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, स्थायित्व और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिकुमार जायसवाल ने कहा कि समाज में बढ़ रही कुरीतियों और संस्कारों के अभाव को दूर करने के लिए सामूहिक प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीयता, हिन्दुत्व और सर्वसमाज के हित में प्रत्येक व्यक्ति को अपना श्रेष्ठ योगदान देना चाहिए।




