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तीन पीढ़ियों से सनातन धर्म का प्रचार कर रहा वृंदावन का शर्मा परिवार, अयोध्या में कथा सुनाने पहुंचे शुभांक कृष्ण शास्त्री

तीन पीढ़ियों से सनातन धर्म का प्रचार कर रहा वृंदावन का शर्मा परिवार, अयोध्या में कथा सुनाने पहुंचे शुभांक कृष्ण शास्त्री
अयोध्या
रामनगरी अयोध्या में चल रही श्रीराम कथा के दौरान वृंदावन का प्रसिद्ध शर्मा परिवार इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तीन पीढ़ियों से सनातन धर्म और भागवत कथा का प्रचार-प्रसार कर रहा यह परिवार आज भी अपनी परंपरा को उसी श्रद्धा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहा है। कथा वाचन करने पहुंचे युवा व्यास शुभांक कृष्ण शास्त्री ने कहा कि धर्म का दामन पकड़े रहना ही जीवन को पार लगाने का सबसे बड़ा आधार है।
उन्होंने कहा कि प्रभु का निरंतर ध्यान, भजन और कीर्तन करने से मनुष्य को ईश्वर की असीम कृपा और भक्ति प्राप्त होती है। श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
अयोध्या के विकास को लेकर शुभांक कृष्ण शास्त्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी का सर्वांगीण विकास हुआ है और भव्य श्रीराम मंदिर के दर्शन कर मन अत्यंत भावविभोर हो गया। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण दिव्य और भव्य स्वरूप में किया गया है तथा अयोध्या पहुंचकर एक अलग आध्यात्मिक आलोक और ऊर्जा का अनुभव हो रहा है।
उन्होंने चंदन की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके परिवार में चंदन धारण करने की विशेष परंपरा रही है और यह केवल आस्था ही नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की पहचान भी है।
वहीं उनके पिता प्रेम बिहारी शर्मा ने कथा परंपरा में आए बदलावों को साझा करते हुए कहा कि तीन पीढ़ियों में कथा के स्वरूप में काफी परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि पहले सात या नौ दिनों तक चलने वाली कथाओं में श्रद्धालु लगातार छह से आठ घंटे तक कथा श्रवण करते थे, तब जाकर कथा पूर्ण होती थी।
उन्होंने कहा कि आज भक्ति और श्रद्धा तो बढ़ी है, लेकिन कथा का समय कम हो गया है। अब अधिकांश कथाएं दो से तीन घंटे के सीमित समय में आयोजित की जाती हैं। पहले उनके दादा गुरु कथा कहते थे, फिर उनके समय में शैली बदली और अब नई पीढ़ी में कथा पूरी तरह हाईटेक हो चुकी है। आधुनिक वाद्य यंत्रों, लाइव प्रस्तुति और तकनीक के साथ कथा का स्वरूप अधिक आकर्षक बन गया है।
प्रेम बिहारी शर्मा ने कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन समाज में भक्ति भाव पहले की तुलना में और अधिक बढ़ा है, जो सनातन धर्म के लिए शुभ संकेत है।
कथा आयोजन में प्रमुख रूप से प्रेम बिहारी शर्मा एवं उनकी पत्नी मृदुला शर्मा श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था में जुटी हुई हैं। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं।



